चूँकि आपका फोकस ‘Name’ (नाम) पर है, तो यह बात जरूर कहें
यह जरूर पढे, महिलाओं के लिए दाल पकते हुए देखना, बच्चे को डांटना, सास की बात सुनना और उसी वक्त पड़ोसन से सब्जी का भाव पूछ लेना
लेखिका अदिति मिश्रा पत्रकार, समाज सेविका,रतलाम
“आज हम यहाँ सिर्फ मिसेज (Mrs.) फलाने या ढिकाने की बहू बनकर नहीं आए हैं। आज हम यहाँ अपने उस ‘नाम’ को याद करने आए हैं जो शादी के कार्ड के बाद शायद कहीं दब गया था। अपनी पहचान को घर की अलमारी के किसी कोने में मत छोड़िये, उसे पहनिए… क्योंकि आपका नाम ही आपकी पहली पहचान है।”
“महिलाओं के लिए ‘I Love You’ से भी ज्यादा रोमांटिक शब्द क्या है? — ‘FLAT 70% OFF’!”
हमारी रतलाम की नमकीन की तरह हम महिलाएं भी तीखी, चटपटी और हर महफिल की जान होती हैं!”
“घर की सफाई तो रोज होती है, आज जरा मन की धूल हटाते हैं…
चलो आज, ‘खुद से भी तो मिल’ आते हैं!”
The ‘Seeti’ Logic: “प्रेशर कुकर की सीटी और घर की महिला में एक ही समानता है… दोनों तब शोर मचाते हैं जब अंदर का प्रेशर बहुत बढ़ जाता है। इसलिए समय-समय पर ‘सीटी’ बजने दें, शांति बनी रहेगी!”
Tadka of Life: “हमारी लाइफ भी एकदम दाल जैसी है… जब तक इसमें तड़का न लगे, तब तक बेस्वाद रहती है। और आज का ये प्रोग्राम वही तड़का है!”
द्रौपदी मुर्मू: एक छोटे से गांव से निकलकर देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने तक का सफर हमें बताता है कि ‘मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है’।
हरमनप्रीत कौर: इंदौर और मध्य प्रदेश के पास के क्षेत्रों से आने वाली इस बेटी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम का नेतृत्व कर साबित किया कि बेटियाँ अब मैदानों में चौके-छक्के लगा रही हैं।
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सुधा मूर्ति: जिन्होंने न केवल इंजीनियरिंग की दुनिया में अपनी जगह बनाई, बल्कि सादगी और समाजसेवा की मिसाल कायम की। वे सिखाती हैं कि पढ़ना-लिखना और स्वावलंबी होना कितना जरूरी है।
गीतिका श्रीवास्तव: हाल ही में पाकिस्तान में भारतीय मिशन की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। ये साबित करता है कि जहाँ चुनौती सबसे बड़ी होती है, वहाँ महिला खड़ी होती है।
3. ‘फनी वन-लाइनर्स’ (Light-hearted Humor)
मिडिल एज महिलाओं और हाउसवाइव्स के साथ जुड़ने के लिए ये लाइनें माहौल को खुशनुमा बना देंगी:
“हम महिलाएं उस ‘सीक्रेट सर्विस’ की तरह हैं, जिन्हें पता होता है कि पति के मोजे कहाँ हैं, रिमोट कहाँ है और अलमारी के पीछे वाली चाबी कहाँ है, जो पूरी दुनिया ढूंढ ले तो भी न मिले!”
“दुनिया कहती है ‘Google’ के पास हर सवाल का जवाब है, शायद उन्हें पता नहीं कि अभी तक उनकी मुलाकात एक ‘इंडियन हाउसवाइफ’ से नहीं हुई!”
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“हमारा ‘रिटायरमेंट’ कभी नहीं होता। ऑफिस वाले 60 साल में रिटायर होते हैं, और हम शाम की चाय के बाद अगले दिन के नाश्ते की चिंता में लग जाते हैं।”
“मर्दों के लिए ‘मल्टी-टास्किंग’ का मतलब है फोन पर बात करते हुए चलना, और हमारे लिए इसका मतलब है—दाल पकते हुए देखना, बच्चे को डांटना, सास की बात सुनना और उसी वक्त पड़ोसन से सब्जी का भाव पूछ लेना!”
