रतलाम पोरवाल परिवार का फर्जी पट्टा
Fake lease of Ratlam Porwal family
रतलाम मध्य प्रदेश के रतलाम के ग्राम बिलड़ी में लाल गुवाड़ी स्थित वन विभाग की 100 बीघा सरकारी जमीन कैलाश पिता अमरचंद पोरवाल का दावा खारिज हो गया। रतलाम कोर्ट ने इस जमीन को सरकारी माना है।
वास्तविकता में कब्जाई भुमि करोड़ों रुपए की है, मामले में वन विभाग और मप्र सरकार की ओर से पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ता संजीवसिंह चौहान द्वारा बताया कि कैलाश पिता अमरचंद पोरवाल व 2 बेटे सोहन व अंकित, पत्नी सुभद्रा तथा पुत्रवधू गंगा सभी निवासी ग्राम बिलड़ी ने कोर्ट में वाद लगाया था।
Fake lease of Ratlam Porwal family
जिसमें सर्वे नंबर 533, 387/1, 486/3 कुल 100 बीघा से अधिक जमीन पर 70- 80 सालों से कब्जा होना बताया था। साथ ही जमीन पर खेती करना और उससे परिवार का भरण.पोषण करना बताया।
2019 में वन विभाग के कर्मचारियों ने सर्वे नंबर 533 की भूमि पर कब्जा किए जाने का केस बनाया था। इसमें वन विभाग ने इसे अपनी जमीन बताया था लेकिन पोरवाल परिवार ने फर्जी पट्टे के आधार पर दावा पेश कर दिया था।
जीस पर प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड सैलाना नेहा सावनेर की कोर्ट में दोनों पक्षों ने अपना.अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने सर्वे नंबर 533/2, 533/3, 533/4, 533/5, 533/6, 533/7, 533/8 व 533/9, 533/10, सर्वे नंबर 486/3 एवं सर्वे नंबर 387/1 की 19-97 हेक्टेयर भूमि पर पोरवाल परिवार का कब्जा नहीं मानते हुए वाद निरस्त कर दिया।
वन विभाग की ओर से वन परिक्षेत्र अधिकारी पुष्पलता मोरे तथा मप्र शासन की और से तहसीलदार महमूद अली ने पक्ष रखा।
Fake lease of Ratlam Porwal family
