रतलाम वायरल वीडियो Utube @The times Of Capital
Ratlam viral video तेज आवाज साइलेंसर पर पुलिस की कार्यवाही
रतलाम। मध्यप्रदेश के Ratlam में तेज आवाज वाले साइलेंसर के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला सोशल मीडिया और यूट्यूब @The times Of Capital पर चर्चा में आ गया। वायरल गाने और वीडियो के जरिए लोगों को तेज आवाज वाले साइलेंसर से होने वाले नुकसान और पुलिस कार्रवाई दिखाई गई है।।
देखते देखते वीडियो आम जनता में आग की तरह वायरल हो गया जिससे तेज आवाज चलाने वाले वाहन चालक सतर्क हो गये यातायात पुलिस की इस कार्यवाही से जनता में खुशी है। वायरल हुवे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि 3 लाख व्यू के उपर यूटयूब रन कर रहा है।

Ratlam viral video तेज आवाज साइलेंसर पर पुलिस की कार्यवाही
जानकारी के अनुसार शहर में बुलेट सहित अन्य मोटरसाइकिलों में लगाए गए तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ पुलिस और यातायात विभाग ने विशेष अभियान चलाया। इस दौरान कई वाहनों को रोका गया और नियम विरुद्ध लगे साइलेंसर निकालकर जब्त किए गए। बाद में इन साइलेंसरों को सार्वजनिक रूप से नष्ट भी किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
Ratlam शहर में चलाए गए अभियान में कई बुलेट और अन्य बाइक से तेज आवाज वाले साइलेंसर हटाए गए।
* जब्त साइलेंसरों को (नष्ट) कुचलकर नष्ट किया गया।
* पुलिस ने वाहन चालकों को ध्वनि प्रदूषण और ट्रैफिक नियमों के बारे में चेतावनी भी दी। [The times Of Capital]
वायरल हुआ जागरूकता गाना
Ratlam viral video तेज आवाज साइलेंसर पर पुलिस की कार्यवाही
इस कार्रवाई के बाद यूट्यूब चैनल “@द टाइम्स ऑफ केपीटल” पर एक जागरूकता गाना वायरल हो रहा है। गाने में तेज आवाज वाले साइलेंसर से होने वाली परेशानी, ध्वनि प्रदूषण और पुलिस की सख्त कार्रवाई को दिखाया गया है। गाने का उद्देश्य युवाओं को नियमों का पालन करने और वाहन में अवैध मॉडिफिकेशन न करने के लिए प्रेरित करना बताया जा रहा है।
Ratlam viral video तेज आवाज साइलेंसर पर पुलिस की कार्यवाही
क्यों खतरनाक हैं तेज आवाज वाले साइलेंसर
* तेज ध्वनि से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है
* बुजुर्ग, बच्चे और मरीजों को परेशानी होती है
* ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन माना जाता है
* वाहन जब्त या चालान की कार्रवाई होती है
* अचानक तेज होने व पास से गुजर रहे वाहन चालक एक्सिडेंट का शिकार हो जाता है।
पुलिस Vibhag का कहना है कि शहर में शांति बनाए रखने और ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए ऐसे अभियानों को आगे भी जारी रखा जाएगा।
