कंगारू मदर देखभाल, नवजात उपचार के बाद स्वस्थ

कंगारू मदर देखभाल, नवजात उपचार के बाद स्वस्थ

सुनीता/भैय्यू की लाडली लक्ष्मी ने जीती जंग

कंगारू मदर देखभाल, नवजात उपचार के बाद स्वस्थ

एस एन सी यू रतलाम में गंभीर अवस्था में भर्ती नवजात उपचार के बाद स्वस्थ है

 रतलाम 18 फरवरी/ सिविल सर्जन डॉक्टर एम एस सागर ने बताया कि  सुनीता पति भय्यू निवासी  मलवासी, थाना रावटी ब्लॉक बाजना रतलाम की डिलीवरी 13 दिसंबर को दोपहर 1:40 बजे जिला चिकित्सालय के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य चिकित्सा इकाई  में हुई थी।

सुनीता की डेलिवरी मात्र 26 सप्ताह में  ही हो गई थी।

डिलीवरी के बाद बच्चे को अत्यधिक कम वजन और , प्रीमेच्योर एवं सांस लेने में दिक्कत के चलते एन बी सी सी नर्स द्वारा नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया। बच्चे का वजन महज 936 ग्राम था । भर्ती के समय बच्चे की स्थिति अत्यधिक गंभीर बनी हुई थी ।

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बच्चे को सिविल सर्जन डॉ एम एस सागर के मार्गदर्शन मे प्रभारी शिशु रोग विशेषज्ञ  डॉ ए पी सिंह के नेतृत्व में एस एन सी यू के डॉक्टर एवं नर्सिंग ऑफिसर  की टीम द्वारा  फैसिलिटी बेस्ड नियो नेटल केयर गाइडलाइंस अनुसार उपचार शुरू किया गया।

बच्चे को भर्ती उपरांत सी पेप मशीन से 16 दिन तक ऑक्सीजन प्रदाय किया गया एवं बाद में नेजल प्रॉन्स से 23 दिन ऑक्सीजन पर रखा गया। प्रोटोकॉल अनुसार चिकित्सीय  प्रबंधन जारी रखा। बच्चे की खून की जांचे कराई गई एवं बच्चे को आवश्यक उपचार के साथ साथ निगरानी में नली द्वारा कम मात्रा में मां का दूध शुरू किया गया एवं दिन प्रतिदिन दूध पिलाने की मात्रा बढाई गई।

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नवजात को एनीमिया होने के कारण ब्लड ट्रांसफ्यूजन भी किया गया। नवजात को ऑक्सीजन देने के साथ साथ ही कंगारू मातृ सुरक्षा दी गई। करीब 55 दिन तक नवजात एस एन सी यू में भर्ती रहा ।

सुनीता द्वारा अपने बच्चे को प्रतिदिन 8 से 10 घण्टे कंगारू मदर देखभाल कराई जाती थी एवं समय समय पर माता द्वारा नर्सिंग ऑफिसर की निगरानी में कटोरी चम्मच से दूध पिलाया जाना शुरू किया गया।

कंगारू मदर देखभाल, नवजात उपचार के बाद स्वस्थ

नवजात को एस एन सी यू में इन्फेक्शन प्रिवेंशन का भी कडाई से पालन किया गया।

इसी बीच में नवजात की आंखों का भी परीक्षण (रेटिनोपैथी ऑफ प्री मैच्योरिटी ) 2 बार किया गया जो कि नॉर्मल रहा। नवजात का पूरी तरह स्वस्थ होने, वजन में वृद्धि एवं माता द्वारा दूध एवं अन्य देखभाल में सक्षम होने उपरान्त 18 फरवरी को डिस्चार्ज किया गया। डिस्चार्ज के समय बच्चे का वजन 1720 ग्राम था।

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बच्चे के परिजनों ने एस एन सी यू के समस्त डॉक्टर एवं नर्सिंग ऑफिसर एवं सफाई कर्मियों का आभार व्यक्त किया। नवजात के इलाज में डॉ प्रतीक आर्य, डॉ राम कुमार, डॉ वेलेरी, डॉ अनुष्का, नर्सिंग ऑफिसर इंचार्ज भारती गहलोत, नर्सिंग ऑफिसर नेहा, अर्चना, वेरोनिका,रजनी,प्रीति, साधना, कनीता,सरस्वती, प्रिया की मुख्य भूमिका रही।

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