2026-2027 का केन्द्रीय बजट विकसित भारत 2047 के संकल्प का आधार रखेगा –
राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर
मोदी जी ने 2014 के बाद बजट की अवधारणा को बदला – कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप जिला भाजपा द्वारा पत्रकार वार्ता का आयोजन
राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर मोदी जी ने 2014 के बाद बजट की अवधारणा को बदला
रतलाम, 7 फरवरी। भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट को लेकर शनिवार को पत्रकार वार्ता आयोजित हुई। इसमें राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर ने कहा कि 2026-2027 का केन्द्रीय बजट विकसित भारत 2047 के संकल्प का आधार रखेगा। यह बजट हर वर्ग के कल्याण की कल्पना पर आधारित है।
इसमें गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और उद्यमी के सशक्तिकरण की दिशा निहित है। कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने इससे पूर्व बजट के आर्थिक और औद्योगिक पहलुओं पर प्रकाश डाला और कहा कि 2014 में सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी जी ने बजट की अवधारणा को बदल दिया है। इसमें केवल आय-व्यय की बातें ही नहीं होती अपितु सम्पूर्ण विकास के साथ देश को आगे ले जाने का उद्देश्य पूरा किया जा रहा है।
राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर मोदी जी ने 2014 के बाद बजट की अवधारणा को बदला
पत्रकार वार्ता में राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर एवं कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, महापौर प्रहलाद पटेल, बजट टोली के संयोजक जिला महामंत्री जयवंत कोठारी, जिला मीडिया प्रभारी अरुण त्रिपाठी एवं सह प्रभारी निलेश बाफना मंचासीन रहे।
राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर मोदी जी ने 2014 के बाद बजट की अवधारणा को बदला राज्यसभा सांसद श्री गुर्जर ने केन्द्रीय बजट पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने लगातार नौवीं बार संसद में जो बजट प्रस्तुत किया है वह भी भारत के संसदीय इतिहास में गौरव के पल के रूप में दर्ज हुआ है। इसे केवल बजट कहना न्यायसंगत नहीं है अपितु यह बजट विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने वाला विजन पत्र है।
राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर मोदी जी ने 2014 के बाद बजट की अवधारणा को बदला उन्होंने बताया कि इस बजट से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने स्वास्थ्य के खर्च को कम करने के लिए दवाओं पर शुल्क में कटौती की है और कैंसर की 17 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क 0 या बहुत कम कर दिया है।
मध्यम वर्ग परिवारों को गुणवत्ता पूर्ण इलाज के लिए जिला स्तर पर आयुष केन्द्रों को 10,000 हजार करोड़ का कोष आवंटित किया गया है। महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में एक छात्रावास का प्रस्ताव कर 10,000 हजार करोड़ का प्रावधान किया है और महिलाओं में रोजगार अवसर बढ़ाने हेतु डेढ़ लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं और एक लाख स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है।
राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर मोदी जी ने 2014 के बाद बजट की अवधारणा को बदला श्री गुर्जर ने बताया कि किसानों के लिए भी बजट अत्यंत सकारात्मक है। इस बजट के माध्यम से भारत के भविष्य को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है। बजट को राजनीति के चश्मे से देखने के बजाए राष्ट्र निर्माण के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए, क्योंकि इससे भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि पर्यावरण के लिए भी बजट में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।
रचनात्मकता को बढ़ावा देगी ए.वी.जी.सी. कंटेंट क्रिएटर लैब
राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर मोदी जी ने 2014 के बाद बजट की अवधारणा को बदला कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए बजट में व्यापक प्रावधान है। पर्यटन क्षेत्र में आईआईएम के सहयोग से 10,000 गाइड़ों के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया के माध्यम से अगले दशक में खेल क्षेत्र में भी बदलाव का प्रावधान बजट में किया गया है।
राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर मोदी जी ने 2014 के बाद बजट की अवधारणा को बदला एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए भी 10,000 हजार करोड़ का आवंटन किया गया है। एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं के लिए 10,000 हजार करोड़ रुपये का फंड रखा गया है।
लखपति दीदी योजना को भी आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले बजट में कीमतों के कम-ज्यादा होने का अनुमान लगाते थे, मोदी जी ने बजट को एक दिशा-निर्देश प्रपत्र बनाया है। 2026 का पूरा बजट आगामी 25 वर्षों का बजट है, जिसमें 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना की जा रही है।
राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर मोदी जी ने 2014 के बाद बजट की अवधारणा को बदला मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि बजट युवा केंद्रित है। युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए बजट में व्यापक अवसर है। शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम स्थायी समिति का गठन और 15 हजार माध्यमिक विद्यालयों व 500 महाविद्यालयों में ए.वी.जी.सी. अर्थात एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स कंटेट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी।
सेमीकंडक्टर मिशन, औद्योगिक कॉरिडोर, एमएसएमई सेक्टर सशक्तिकरण, सेवा क्षेत्र विस्तार और नई तकनीकों में निवेश से मध्यप्रदेश में भी हाई टेक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
