भक्ति की शक्ति: बंटी जाट और 26 साथियों की 25 साल से जारी पावागढ़ से कलमोडा तक पदयात्रा
रतलाम। आस्था और भक्ति की मिसाल पेश करते हुए रतलाम जिले के ग्राम कलमोडा के बंटी जाट अपने 26 साथियों के साथ पिछले 25 वर्षों से लगातार पदयात्रा कर गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ पावागढ़ मंदिर में पहुंचकर मां के दरबार में अखण्ड ज्योत रतलाम के ग्राम कलमोडा आकर प्रज्वलित कर रहे हैं। वर्ष 2000 से शुरू हुई यह परंपरा आज भी पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जा रही है।
चैत्र नवरात्री 19 मार्च से शुरू हो रही है आस्था व विश्वास अभी से देखने को मिल रहा है इस बार अष्टमी व नवमी एक ही दिन मनाई जावेगी।
हर वर्ष नवरात्रि के पावन अवसर पर बंटी जाट और उनके साथी गांव से पदयात्रा शुरू करते हैं और कई किलोमीटर का कठिन सफर तय कर गुजरात के #पावागढ़ स्थित मां के दरबार तक पहुंचते हैं। वहां वे माता के मंदिर में अखण्ड ज्योत जलाकर क्षेत्र की खुशहाली और लोगों की समृद्धि की कामना करते हैं।

भक्ति की शक्ति: बंटी जाट और 26 साथियों की 25 साल से जारी पावागढ़ से कलमोडा तक पदयात्रा
यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ आगे बढ़ते हैं। रास्ते में कई गांवों के लोग भी इन यात्रियों का स्वागत करते हैं और उन्हें भोजन-पानी की व्यवस्था कर सेवा करते हैं। यह यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि सामाजिक एकता और #श्रद्धा का भी संदेश देती है।
बंटी जाट का कहना है कि मां की कृपा से ही यह यात्रा निरंतर जारी है। वे बताते हैं कि शुरुआत में कुछ ही लोग साथ थे, लेकिन धीरे-धीरे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई और आज 26 साथी इस पदयात्रा में शामिल होकर भक्ति की शक्ति का उदाहरण बन रहे हैं।
भक्ति की शक्ति: बंटी जाट और 26 साथियों की 25 साल से जारी पावागढ़ से कलमोडा तक पदयात्रा
ग्राम कलमोडा में इस यात्रा को लेकर खास उत्साह रहता है। जब यात्री वापस गांव पहुंचते हैं तो ग्रामीण उनका भव्य स्वागत करते हैं और इसे धार्मिक उत्सव की तरह मनाया 9 दिनो तक मा की आराधना करते हुवे जाता है।
लगातार 25 वर्षों से चली आ रही यह पदयात्रा यह साबित करती है कि सच्ची आस्था और दृढ़ संकल्प के सामने दूरी और कठिनाइयां भी छोटी पड़ जाती हैं। बंटी जाट और उनके साथियों की यह परंपरा आज क्षेत्र में भक्ति और समर्पण की प्रेरणादायक कहानी बन चुकी है।
भक्ति की शक्ति: बंटी जाट और 26 साथियों की 25 साल से जारी पावागढ़ से कलमोडा तक पदयात्रा
